म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट की गहराई – Mutual Fund in Hindi

आज के इस निवेश (investment) की दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जो म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट या अन्य किसी इन्वेस्टमेंट प्लेटफार्म पर अपना इनकम इन्वेस्ट कर रहे हैं और प्रॉफिट भी बना रहे हैं । परन्तु अधिकतर यह देखने को मिलता है कि पब्लिक अपने इनकम के अमाउंट बैंक में रख कर छोड़ देते हैं और वह लंबे समय तक ऐसे ही पड़ा रहता है ।

बैंक में उस अमाउंट का प्रॉफिट बैंक उतना नहीं दे पता है और हर व्यक्ति यह चाहता है कि बैंक में रखे अमाउंट उसको अच्छा रिटर्न दे । ऐसी स्थिति में म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है क्योंकि अगर इस निवेश प्लेटफार्म पर एक लंबी अवधि तक पूरी जानकारी के साथ निवेशीत किया जाए तो इससे एक अच्छा मुनाफा पाया जा सकता है ।

इस लेख में म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के बारे सभी जानकारियां आसान से भाषा में तथा इससे संबंधित सभी जानकारियों का निचोड़ मिलेगा जो इस क्षेत्र में आपको आगे बढ़ने में सहयोग मिलेगा ।

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट क्या है

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट एक प्रकार का निवेश स्थान है , जिसमें कई सारे निवेशक जुड़े रहते हैं और अपना पैसा इन्वेस्ट करते है । सारे निवेशकों के इक्कठे किए हुए पैसों को म्युचुअल फंड के द्वारा क्वांटिटी के हिसाब से अलग अलग शेयर , बैंड तथा अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है ।

मैनेजर को रखा जाता है जो लगाए गए फंड को संभालने का काम करता है । यही फंड मैनेजर निवेशकों के पैसों को सही शेयर पर मार्केट की स्थिति को देखकर लगाता है , ताकि इन्वेस्ट किया गया पब्लिक का पैसा डूबे नहीं और अच्छा प्रॉफिट बना कर दे जिससे निवेशकों को फायदा मिलता है और फंड मैनेजर को भी लॉस नहीं होता है ।

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के प्रकार

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के प्रकार एक नहीं अनेक है जिसमें सब की कार्य विधि तथा उसके फायदे भी अलग अलग प्रकार से हैं । कुछ फंड के नाम निम्नलिखित हैं :-

• इक्विटी म्युचुअल फंड

• डेब्ट म्युचुअल फंड

• बैलेंस्ड / हाइब्रिड म्युचुअल फंड

• ELSS (Equity Linked Saving Scheme)

इन सभी के कार्य प्रणाली तथा इसके रिटर्न्स की क्षमता विभिन्न है , साथ ही रिस्क भी सभी का अलग है ।

म्युचुअल फंड इंवेस्टमेंट क्यों करें

1. डाइवर्सिफिकेशन (विविधता) : इसमें आपके पैसों का लॉस होने का खतरा नहीं रहता है । आपके पैसों को जमा कर के म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के द्वारा अलग अलग कंपनियों , शेयर्स एवं फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में इस तरह से लगाया जाता है कि फ्रॉफिट ही होता है । अगर आप खुद से पैसों का इन शेयर्स पर इन्वेस्ट करते हैं तो लॉस होने का खतरा अधिक रहता है ।

2. प्रोफेशनल मैनेजमेंट : इस जगह पर आपको निवेशित करने के लिए इस क्षेत्र के बारे में बहुत ही ज्यादा गहरी जानकारी लेने की आवश्यकता नहीं है और न ही कोई काम करने की जरूरत है । फंड मैनेजर के द्वारा पैसों को सही जगह इस्तेमाल करवाया जाता है ।

3. कम निवेशित राशि : आप अपने अनुसार कम से कम राशि तक एवं अधिक से अधिक राशि एक समय पर म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में निवेश कर सकते हैं ।

4. पारदर्शिता (Transparency) : पैसा लॉस को लेकर इसमें किसी प्रकार का कोई समस्या नहीं है क्योंकि यह समय-समय पर एसएमएस के द्वारा आपको हर चीज की जानकारी देते रहता है ।

5. लंबे समय में बेहतर रिटर्न : अगर आप लंबे समय तक पैसे को निवेशित करते हैं तो आपको बेहतर रिजल्ट देखने को मिलता है । इसमें बैंक से सदा बेहतर ही रिटर्न देखने को मिलता है ।

म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट की शुरुआत

इसकी शुरुआत आप सबसे पहले फंड निवेश के सारी जानकारियों के बारे में अध्ययन कर लें फिर आप म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट की शुरुआत आसानी से कर सकते हैं , जिसकी प्रक्रिया निम्नलिखित है :-

1. KYC की प्रक्रिया : इन्वेस्टमेंट करने के लिए सबसे पहले डॉक्यूमेंट्री काम पूरा करना होता है जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक का डिटेल्स देकर KYC करना आदि ।

2. फंड का चुनाव : जिस फंड निवेश में आपको बेहतर जानकारी है तथा रिस्क लेने की क्षमता व लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए फंड का चयन करें । फंड में रिस्क ज्यादा होते हैं तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें ।

3. SIP (Systematic Investment Plan) या Lump Sum का चयन : ये दो में से किसी एक का चयन करना होता है और यह आप पे एवं आपके इनकम पर डिपेंड करता है ।

• SIP – इसका चयन करने पर आपको हर महीने एक निश्चित राशि का निवेश करना होता है ।

• Lump Sum – इस व्यवस्था में आप एक साथ बड़ी राशि का चयन कर सकते हैं ।

4. ऑनलाइन/ऑफलाइन निवेश : आज के समय में निवेश करना बहुत आसान सा हो गया है , तो यह आप पर डिपेंड करता है कि आप किस में बेहतर समझते हैं ।

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के फायदे

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में आपको रिटर्न की बचत ज्यादा होती है , वो इसलिए क्योंकि हमें अन्य जगहों पर चार्ज देने की आवश्यकता नहीं पड़ती है ।

• टैक्स की बचत : इसमें निवेशक को टैक्स देने की आवश्यकता नहीं पड़ती है ।

• कंपाउंडिंग का लाभ

• तरलता : आप समय से पहले भी पैसों को जब चाहे तब निकाल सकते हैं उतने ही समय में चाहे जितना भी प्रॉफिट बनता है प्रॉफिट सहित ।

• कम लागत

निष्कर्ष :

आज के इस समय में म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट बहुत ही लाभकारी हो गया क्योंकि इसमें आपको किसी प्रकार का खतरा नहीं रहता है । टैक्स देने की समस्या नहीं रहता कंपाउंडिंग के लाभ होती है जब चाहे तब आप अपना जमा यह पेज को निकाल सकते हैं ज्यादा समय में आपको ज्यादा लाभ मिलता है ।

इस क्षेत्र में स्कैन भी बहुत होते हैं तो इसे सदा सावधान एवं सतर्क रहें ।याद रखें आपके लिए म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट तभी सही है अगर आप सही तरीका सुनते हैं । किसी दूसरे के भरोसे निवेश कभी न करें हमेशा आत्म निर्भर रहें ।

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