बिटकॉइन माइनिंग के द्वारा बनने वाला बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में आज के समय यह बहुत तेजी से सुर्खियों में चर्चित रहा है । बिटकॉइन केवल एक आधुनिक मुद्रा ही नहीं है , बल्कि यह आने वाले समय में निवेश (Investment) एवं टेक्नोलॉजी की दुनिया में यह एक क्रांति है ।
शुरुआती समय में जब बिटकॉइन आया था तो इसकी जरा भी वैल्यू नहीं थी परंतु जैसे-जैसे समय बितता गया इसकी प्राइस बढ़ने लगी और आज के समय में इसकी प्राइस ऊंचाइयों को छू रहा है । बिटकॉइन प्राइस को देखते हुए काफी ऐसे लोग हैं जो इस क्षेत्र में अपना रुचि दिखा रहे हैं और प्रॉफिट भी बना रहे हैं लेकिन कईयों का नुकसान भी हो रहा है ।
इस ब्लॉक में बिटकॉइन माइनिंग क्या है तथा बिटकॉइन माइनिंग से संबंधित सभी जानकारी का चर्चित किया गया है ।
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बिटकॉइन माइनिंग क्या है ?
बिटकॉइन माइनिंग एक प्रकार का आधुनिक खदान है । जब भी बिटकॉइन का ट्रांजैक्शन होता है तो माइनर्स बहुत ही जटिल गणितीय समस्याओं का हाल एक बहुत ही हैवी कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर की मदद से पूरा करते हैं और उसे एक ब्लॉकचेन में शामिल करते हैं , इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने पर माइनर्स को उन्हें बिटकॉइन इनाम के रूप में मिलते हैं । इसी संपूर्ण प्रक्रिया को बिटकॉइन माइनिंग कहा जाता है ।
बिटकॉइन के माइनिंग की प्रक्रिया
बिटकॉइन माइनिंग का काम कोई आसान सी प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह बहुत ही जटिल और कठिनाईयों से भरी प्रक्रिया है । माइनिंग का काम पूरा करने के लिए हाई टेक्नोलॉजी जैसे मशीने भरपूर बिजली तथा लगातार हाई स्पीड इंटरनेट की आवश्यकता पड़ती है ।
माइनिंग की प्रक्रिया निम्नलिखित है :-
1 . सबसे पहले बिटकॉइन का ट्रांजैक्शन होता है , यानी कोई व्यक्ति बिटकॉइन को प्राप्त करता है या भेजता है।
2 . ट्रांजैक्शन किए गए बिटकॉइन को एक ब्लॉक में जुड़कर उसे सुरक्षित स्टोर किया जाता है ।
3 . ब्लॉक में बहुत सारी दिक्कतें आई रहती तो माइनर्स के द्वारा एक कंप्यूटर सिस्टम की मदद से ब्लॉक की जटिल प्रक्रिया को हल किया जाता है ।
4 . इसके बाद उसे ब्लॉक को माइनर्स के द्वारा वेरिफिकेशन किया जाता है जो भी माइनर वेरिफिकेशन में सफल हो जाता है वही उस ब्लॉक को ब्लॉकचेन में जोड़ता है ।
5 . अंतिम प्रक्रिया को जो माइनर सबसे पहले पूर्ण करता है उसे माइनर को नए बिटकॉइन तथा ट्रांजैक्शन फीस के रूप में दिया जाता है ।
बिटकॉइन के माइनिंग से प्रॉफिट
बिटकॉइन के माइनिंग से माइनर्स को प्रॉफिट दो तरीकों से होता है :-
• नए बिटकॉइन बोनस के रूप में – जब भी माइनर्स ब्लॉक को अंतिम चरण तक पूर्ण तरीके से हल कर देते हैं तो माइनर को बोनस के तौर पर नए बिटकॉइन मिलता है जिससे उन्हें प्रॉफिट होता है ।
• फीस के तौर पर – जब भी कोई व्यक्ति बिटकॉइन का लेन – देन करता हैं तो उन्हें थोड़ा फीस देना पड़ता है यह फिश माइनर्स के द्वारा ट्रांजैक्शन फीस के तौर पर लगाया जाता है ।
माइनिंग में चुनौतियां
कई प्रकार की चुनौतियां बिटकॉइन माइनिंग के दौरान आती है जो माइनर्स को झेलना पड़ता है जैसे :-
• बिजली की खपत : माइनिंग के दौरान बिजली की खपत बहुत ही अत्यधिक मात्रा होता है । माइनिंग के कार्य की पूरी प्रक्रिया होने तक अत्यधिक मात्रा में बिजली अति आवश्यक होता है ।
• तकनीकी ज्ञान : इस क्षेत्र में तकनीकी तथा क्रिप्टो ज्ञान की आवश्यकता बहुत अधिक है क्योंकि सारा कार्य प्रणली इसी पे टिकी है तथा अपडेटेड न्यूज का भी ज्ञान होने जरूरी है ।
• हाई इंटरनेट स्पीड : माइनिंग के सारे कार्य बना लिए बिना हाई इंटरनेट स्पीड का पूरा होना संभव नहीं है क्योंकि माइनिंग के काम में शुरुआत से लेकर अंतिम क्षण तक हर वक्त इंटरनेट जरूरी है ।
• कानूनी नियम : कई ऐसे देश में बिटकॉइन माइनिंग पर बैन लगाए गए हैं तथा सख्त कानूनी नियम लगाए गए हैं।
• मशीनें : माइनिंग में उपयोग किए जाने वाले मशीन कोई साधारण मशीन नहीं होती है स्पेशली मीनिंग के लिए ही बनाई जाती है तथा उसमें उपयोग किए जाने वाले ग्राफिक कार्ड खास माइनिंग के लिए बनाई जाती है ।
भारत में बिटकॉइन माइनिंग की स्थिति
बिटकॉइन माइनिंग को लेकर भारत में एक सटीक स्पष्टता नहीं है और इस पर विचार किया जा रहा है ।कानूनी रूप से भारत में बिटकॉइन माइनिंग पर प्रतिबंध नहीं है और व्यापार एवं निवेश की गतिविधियां अभी चल रही है ।
बिटकॉइन माइनिंग के कारण अत्यधिक मात्रा में खर्च होने वाले बिजली को लेकर भारत में समस्या बनी हुई है , इसके कारण मीनिंग को लेकर सरकार इस पर अभी विचार कर रही है और पूरी तरह से इसकी नीतियां स्पष्ट नहीं हो पाया है ।
निष्कर्ष :
बिटकॉइन माइनिंग आधुनिक दुनिया की एक लाभकारी प्रक्रिया है जो समय के साथ किसी की भविष्य को भी बदल सकता है । माइनिंग की प्रक्रिया से केवल माइनर्स को ही प्रॉफिट नहीं होता है , बल्कि इससे पूरे ब्लॉकचेन को प्रॉफिट होता है । बिटकॉइन मीनिंग के कारण ही पूरे ब्लॉकचेन नेटवर्क सुरक्षित एवं सिक्योर रहता है । इस कार्य प्रणाली में चुनौती एवं संघर्ष तो बहुत है परंतु प्रॉफिट भी कहीं कम नहीं है ।
अगर आप भी बिटकॉइन माइनिंग के क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं तो इसके नियम कानून तकनीकी ज्ञान तथा नुकसान के बारे में अच्छे से परख ले ताकि बाद में परेशानी ना हो तभी इस क्षेत्र में उतरे ।आने वाले समय में जैसे-जैसे बिटकॉइन की मांग बढ़ेगी तो बिटकॉइन माइनिंग का भी महत्व बढ़ेगा और इसमें बदलाव भी देखने को मिलेंगे ।